MILLION DOLLAR WEEKEND Book Summary in Hindi - The Surprisingly Simple Way To Launch a 7-Figure Business in 48 Hours by Noah Kagan. Howdy Guys, क्या आपके पास एक अच्छा बिज़नेस आइडिया है लेकिन आप नहीं जानते कि उसे टेस्ट कैसे करना चाहिए? ये समरी, आपके मिलियन-डॉलर आइडिया को choose और ग्रो करने के बारे में है। इसमें, आप सीखेंगे कि प्लानिंग फेज़ में अटकने से कैसे बचना है और तुरंत एक्शन कैसे लेना है। इसके अलावा, आप वन-मिनट बिज़नेस मॉडल, 48-घंटे में पैसे कमाने का चैलेंज और भी कई तरह के स्ट्रेटजीज़ यूज़ करना भी सीखेंगे।
यह समरी किसे पढ़नी चाहिए?
- एंटरप्रेन्योर
- सेल्स एजेंट
- सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर
ऑथर के बारे में (About the Author)
नोआह केगन एक एंटरप्रेन्योर और मार्केटर हैं जिन्हें डिजिटल मार्केटिंग और स्टार्टअप ग्रोथ में उनके काम के लिए जाना जाता है। उन्होंने AppSumo बनाया है, जो एंटरप्रेन्योर्स के लिए सॉफ्टवेयर डिस्काउंट देने वाली एक डील साइट है. उन्होंने Sumo.com भी बनाया है, जो वेबसाइट के ट्रैफिक को बढ़ाने में मदद करने के लिए टूल्स ऑफर करता है।
MILLION DOLLAR WEEKEND Book Summary in Hindi
इंट्रोडक्शन
कई एंटरप्रेन्योर्स ने अपना बिज़नेस शुरू किया और फाइनेंशियल फ्रीडम पा लिया है। वह अपने 9 टू 5 वाले रूटीन से बाहर निकल आए हैं और पहले से ज़्यादा ख़ुश और संतुष्ट रहने लगे हैं। कुछ पूरी दुनिया में ट्रैवल करते हैं और कुछ ने अपनी हॉबीज़ को फायदेमंद इंवेस्टमेंट्स में बदल लिया है।
हम सभी के पास कोई न कोई शानदार बिज़नेस आइडिया होता है, तो हम सभी इन एंटरप्रेन्योर्स के जितने सक्सेसफुल क्यों नहीं हैं? हम किस चीज़ का इंतज़ार कर रहे हैं? क्या आप किसी शॉर्ट कट के मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं?
अगर ऐसा है तो जान लीजिए कि कोई भी शॉर्ट कट नहीं है। एक एंटरप्रेन्योर बनने के लिए और एक सक्सेसफुल बिज़नेस बनाने के लिए आपको लगातार हार्ड वर्क करना होगा। परफेक्ट बिज़नेस आइडिया ढूंढने से आप जल्दी अमीर नहीं बन जाएंगे।
आपको ख़ुद में रिस्क उठाने और हर रोज़ रिजेक्ट होने की हिम्मत भी लानी होगी। यह समरी आपको सिखाएगी की आप ज़्यादा फ्लेक्सिबल कैसे बन सकते हैं, अपने बिज़नेस आइडिया को जल्दी टेस्ट कैसे कर सकते हैं और अच्छे बिज़नेस मॉडल कैसे बना सकते हैं। तो क्या आप ज़रुरत से ज़्यादा सोचना बंद करने और काम शुरू करने के लिए तैयार हैं?
Just Start
एंटरप्रेन्योर्स के लिए सबसे पहला चैलेंज होता है, शुरुआत करना। ज्यादातर एंटरप्रेन्योर सही समय और सही मौके का इंतज़ार करते रह जाते हैं। उन्हें लगता है कि कोई कमाल का आइडिया सिर्फ़ इंस्पिरेशन से ही आता है, लेकिन उन्हें ये समझ नहीं आता कि एंटरप्रेन्योरशिप का मतलब ही है टेस्ट करना और रिस्क्स लेना।
कुछ एंटरप्रेन्योर्स के पास अच्छा आइडिया तो होता है लेकिन वो कभी रिसर्च फेज़ से आगे बढ़ ही नहीं पाते हैं। उन्हें लगता है कि एक्शन लेने से पहले उन्हें और भी ज़्यादा नॉलेज, पैसे और ज़्यादा क्लियर प्लान की ज़रुरत है। प्लान करने और सेफ़ रहने में समझदारी तो है, लेकिन इसकी वजह से आप मौकों को मिस कर सकते हैं। अगर आप हमेशा सही समय और सही हालातों का इंतज़ार करते रहेंगे तो कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे।
सक्सेसफुल होने के लिए, आपको ज़रुरत से ज़्यादा सोचना बंद करना होगा और एक्शन लेना शुरू करना होगा। जिन प्रॉब्लम्स का आप अंदाज़ा लगा रहे हैं हो सकता है कि वो शायद कभी आए ही नहीं। जब तक आप एक्शन नहीं लेंगे और शुरुआत नहीं करेंगे तब तक आपको कुछ पता नहीं चल पाएगा।
बिज़नेस में चैलेंजेस का सामना करना ही पड़ता है, इसलिए आप जितनी जल्दी अपने डर को दूर करेंगे और अपनी गलतियों को एक्सेप्ट करना सीख जाएँगे, आप उतने ही ज़्यादा एक्शन ले पाएंगे और सीख पाएंगे। आप सिर्फ़ सीखकर ही इंप्रूव कर सकते हैं। अगर आप प्लानिंग के फेज़ में ही अटके रहेंगे तो आगे कैसे बढ़ पाएंगे या अपने आइडियाज़ को टेस्ट कैसे कर पाएंगे?
अगर आप रोज़ एक्शन लेने की आदत डालना चाहते हैं, तो आप “NOW, Not How” रूल को फॉलो कर सकते हैं। यह प्रिंसिपल आपको “कैसे करना है” इसके बारे में सोचने से रोकेगा और सीधा “क्या करना है” की तरफ ले जाएगा। एक्शन लेने से वो रिजल्ट मिलते हैं जिन्हें आप एनालाइज़ कर सकते हैं और इंप्रूव कर सकते हैं। प्लान करने और रिसर्च करने से कुछ नहीं होता है। जब आप ज़रुरत से ज़्यादा प्लान करते हैं, तो आप बस काम को टालते रहते हैं और जो चीज़ें इम्पोर्टेन्ट हैं उसमें देर करते रहते हैं।
आप एक “फ्रीडम नंबर” भी सेट कर सकते हैं, जो एक ऐसा फाइनेंशियल टारगेट होता है जो आपको हर रोज़ और ज़्यादा मेहनत करने के लिए मोटिवेट करता है। आपको काउंट करना चाहिए कि आपके महीने के खर्चे कितने हैं और आप कितने पैसे बचाना चाहते हैं। आपके खर्चों और सेविंग्स को मिलाकर जो नंबर आता है वही आपका फ्रीडम नंबर होता है।
ये नंबर $3000 जितना कम भी हो सकता है। फालतू के फाइनेंशियल गोल्स सेट ना करें, जैसे कि अपने बैंक अकाउंट में एक मिलियन डॉलर होने के बारे में सोचना। ये फ्रीडम नंबर रियल रहने में और एक्शन पर फोकस करने में आपकी मदद करेगा। एक शॉर्ट-टर्म गोल पर फोकस करें और ज़रुरत से ज़्यादा सोचने और ज़रुरत से ज़्यादा प्लान करने से बचकर रहें।
इस बुक के ऑथर नोआह केगन AppSumo के फाउंडर हैं. उन्होंने भी NOW, Not How प्रिंसिपल और फ्रीडम नंबर को अप्लाई किया था। नोआह कम उम्र में ही फाइनेंशियल फ्रीडम पाना चाहते थे, लेकिन वो किसी कॉरपोरेट जॉब में फंसना नहीं चाहते थे। इसलिए, उन्होंने अपने फ्रीडम नंबर को कैलकुलेट किया। उनके खाने-पीने के खर्चे, ट्रैवल करने के खर्चे और सेविंग्स को मिलाकर हर महीने के $3,000 हो रहे थे। ये फाइनेंशियल गोल आसान था और मोटिवेट करने वाला था।
एक मिलियनेयर बनने जैसे बड़े गोल के बजाय, नोआह ने अपने फ्रीडम नंबर तक पहुंचने पर फोकस किया। उन्होंने अपने गोल को छोटे-छोटे और मैनेज हो जाने वाले टास्क में तोड़ लिया, कई अलग-अलग आइडियाज़ के साथ एक्सपेरिमेंट किया और हर रोज़ एक्शन लिया।
नोआह ने अपने बिज़नेस को इंप्रूव करने के लिए भी Now, Not How प्रिंसिपल को फॉलो किया था। जब वो AppSumo के लिए नया ad बनवाना चाहते थे, तब नोआह एक ad बनाने वाली एजेंसी से मिले। एजेंसी ने उनसे कहा कि ad बनाने के लिए जिन स्टेप्स को फॉलो किया जाएगा वो उन स्टेप्स की लिस्ट उन्हें ईमेल कर देंगे।
लेकिन नोआह ने इसके लिए मना कर दिया। उन्होंने कहा कि आप तुरंत उस फेसबुक के ad पर काम करना शुरू कर दीजिए। तो, ईमेल से बात करने में समय बर्बाद करने के बजाय, वो आमने-सामने बैठे और एक ही मीटिंग में उस ad को पूरा कर लिया।
नोआह का मानना है कि तुरंत एक्शन लेना ही सीखने का सबसे फास्टेस्ट तरीका है। आप जब तक अपने आइडियाज़ को टेस्ट नहीं करेंगे तब तक आप जीत नहीं सकते और जब तक आप शुरुआत नहीं करेंगे तब तक आप अपने आइडियाज़ को टेस्ट नहीं कर सकते। इसलिए, आज ही शुरुआत कर दीजिए।
The Unlimited Upside Of Asking
क्या आपको कभी रिजेक्ट किया गया है?
आप बिज़नेस में रिजेक्ट होने से बच नहीं सकते। सक्सेसफुल होने के लिए आपको फेलियर को देखना का नज़रिया बदलना होगा। रिजेक्शन की वजह से खुद पर डाउट मत कीजिए। आप सही स्ट्रेटजीज़ के साथ रिजेक्शन को ग्रोथ के टूल में बदल सकते हैं। इसके पीछे आपके माइंडसेट का सबसे बड़ा हाथ होता है।
पहला, आपको रिजेक्शन को लेकर अपना नज़रिया बदलना होगा। इससे डरने के बजाय, आपको इसे अपने ग्रोथ के रास्ते के नेचुरल हिस्से की तरह मानना होगा। हर बार जब आपको जवाब में “ना” मिलता है तो वो आपको उस “हां” के एक कदम करीब ले जाता है जिसे आप पाना चाहते हैं। इसलिए, रिजेक्शन को ढूंढें और आप सक्सेसफुल हो जाएँगे। हमेशा एक्सपीरियंस पर फोकस करें, रिज़ल्ट पर नहीं।
दूसरा, रिजेक्शन के गोल्स सेट करके अपने सक्सेस के डेफिनेशन को ही बदल दीजिए। रिजेक्शन का एक नंबर choose कीजिए ताकि आप हर “ना” को हार के बजाय एक विनिंग प्वाइंट में बदल पाएं। एग्जांपल के लिए, आप हर हफ़्ते 100 रिजेक्शन का गोल बना सकते हैं। हर एक रिजेक्शन आपकी मेहनत को दिखाता है। आप जितना ज़्यादा रिजेक्ट होंगे, आपको फेलियर से उतना ही कम डर लगेगा।
तीसरा, discomfort यानी परेशानियों की आदत डाल लें। जब आपको बार-बार रिजेक्ट किया जाता है तो आपको अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलने की आदत हो जाती है। आप बिना डर के रिस्क लेने लगते हैं और अपने लिए बेहतर मौके ढूंढ लेते हैं।
चौथा, अपने “ask muscle” यानी “पूछने की ताकत” को ट्रेन करें ताकि आप ऐसी चीज़ों के लिए भी पूछ पाएँ जिन्हें आप आमतौर पर नहीं पूछेंगे। जैसे, आप किसी कैफ़े में डिस्काउंट मांग सकते हैं, भले ही आप अच्छे से जानते हों कि आपको वहां डिस्काउंट नहीं मिलेगा। ये छोटे-छोटे चैलेंज आपको “ना” शब्द को एक्सेप्ट करना और आसानी से उसका सामना करना सिखाएंगे। आप अनकंफर्टेबल चीज़ों के लिए जितना ज़्यादा पूछेंगे, आप बड़े रिजेक्शन को उतना ही ज़्यादा अच्छे से हैंडल कर पाएंगे।
पांचवा, फॉलो अप करते रहें। सिर्फ़ एक “ना” से बात खत्म नहीं होती है। स्टडीज़ ने साबित कर दिया है कि लगातार फॉलो अप करते रहने से “ना” को “हां” में बदला जा सकता है। जब आप लगातार कोशिश करते रहते हैं, तो इससे आप अपने कमिटमेंट और डेडीकेशन को दिखाते हैं। लोग इस बात की रिस्पेक्ट करते हैं और आमतौर पर जब वो किसी के अंदर सक्सेसफुल होने के लिए लगन देखते हैं तो अपना मन बदल लेते हैं।
फाइनली, पूछने को मदद करने में बदल दें। एक लिस्ट बनाएं कि आप क्या ऑफर कर सकते हैं और अपने गोल्स को पाने के बजाय दूसरों की मदद करने पर फोकस करें। जब आपके पास कोई ऐसा ऑफर होता है जो दूसरों की ज़िंदगी को इंप्रूव कर सकता है तो आपका काम काइंडनेस में बदल जाता है। बेशक, आप अपने बिज़नेस को इंप्रूव करने की और ज़्यादा से ज़्यादा कस्टमर्स पाने की कोशिश कर रहे होते हैं, लेकिन आपका अल्टीमेट गोल ये होता है कि आप किसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने में अपने कस्टमर्स की मदद कर पाएं।
अपने माइंडसेट को बदलने से आपको बिना डरे पूछने में मदद मिलेगी। रिजेक्शन आपको पर्सनल नहीं लगेगा क्योंकि आप दुनिया की मदद करने पर फोकस कर रहे होंगे, ना कि अपने फायदे पर। नोआह केगन के पिता रिजेक्शन के डेफिनेशन को बदलने के सबसे अच्छे एग्जांपल हैं। नोआह के पिता एक इंश्योरेंस सेल्समैन थे जिन्हें इंश्योरेंस बेचने के लिए घर-घर जाना पड़ता था। उन्हें अक्सर रिजेक्शन का सामना करना पड़ता था पर वह कभी निराश नहीं होते थे। उनका फोकस सिर्फ़ एक मिशन पर था: ऐसे लोगों को इंश्योरेंस बेचना जिन्हें अपने फ्यूचर को प्लान करने में कोई इंटरेस्ट नहीं है।
नोआह के पिता को रिजेक्शन की उम्मीद रहती थी, इसलिए नहीं क्योंकि उनका माइंडसेट नेगेटिव था बल्कि इसलिए क्योंकि ये उनके जॉब का हिस्सा था। उनका मानना था कि हर “ना” उन्हें “हां” के एक कदम नज़दीक ले जाता है। इसलिए, पूछना उनके लिए एक डेली रूटीन बन गया था और अब उन्हें रिजेक्शन से डर नहीं लगता था।
हर सुबह, नोआह के पिता रिजेक्शन का एक नंबर सेट करते थे। वो इस स्ट्रेटजी को इसलिए यूज़ करते थे ताकि वो उससे डरने के बजाय उसे एक गोल की तरह देख पाएँ। उन्होंने कभी एक दिन में ज़्यादा से ज़्यादा “हां” सुनने पर फोकस नहीं किया। उन्होंने बस “ना” सुनने की आदत डालने और अपने सेल्स की स्ट्रेटजी को इंप्रूव करने पर फोकस किया। हर रिजेक्शन के साथ वो मेंटली और फ्लेक्सिबल और strong होते गए और उन्होंने निडर बनना और लगातार अड़े रहना सीख लिया।
चाहे आप अपने सेल्स को इंप्रूव करने की कोशिश कर रहे हों, कोई मदद मांग रहे हों या कुछ और कर रहे हों, सभी चीज़ों में रिजेक्शन को एक गोल में बदल दें। इसका मतलब ये नहीं है कि आपको फेलियर को एक्सेप्ट कर लेना चाहिए बल्कि आपको अक्सर “ना” सुनने में कंफर्टेबल हो जाना चाहिए। आप एक लॉन्ग-टर्म गेम खेल रहे हैं, तो अभी रिजेक्ट होना नेचुरल है।
Finding Million Dollar Ideas
सिर्फ़ कोई ब्रिलियंट आईडिया होना काफ़ी नहीं है। ज्यादातर फाउंडर्स अपने पैशन को फॉलो करते हैं और मानते हैं कि उनका बिज़नेस आइडिया सबसे अच्छा है। वो सिर्फ़ अपने लगाए हुए अंदाज़े पर फोकस करते हैं और अपने कस्टमर्स को भूल जाते हैं। कोई भी प्रोडक्ट बनाने से पहले, फाउंडर्स को अपने आइडिया की वैलेडिटी को टेस्ट करना चाहिए ताकि उन्हें पता चल सके कि मार्केट में उस प्रोडक्ट की डिमांड है भी या नहीं।
मिलियन-डॉलर बनाने वाले आइडियाज़ ढूंढने के लिए, इन स्टेप्स को फॉलो करें -
पहला, सिर्फ़ एक फाउंडर की तरह सोचने वाले तरीके को फॉलो करने से बचें। ऐसा प्रोडक्ट ना बनाएँ जो सिर्फ़ आपकी ज़रूरतों और आपके इंटरस्ट को पूरा करता हो। हो सकता है कि ये प्रोडक्ट आपको कूल लगे लेकिन रियल दुनिया में काम ना आए। इसके बजाय, पहले कस्टमर के बारे में सोचने वाले तरीके को फॉलो करें यानी customer-first approach को फॉलो करें। अपने कस्टमर्स को ज़्यादा से ज़्यादा समझने की कोशिश करें और उनकी ज़रूरतों और प्रॉब्लम्स को पहचानें।
दूसरा, कस्टमर्स के एक ग्रुप को choose करें और उन्हें एनालाइज़ करें। एक टारगेट कस्टमर को चुनने से आपको रिसर्च करने में आसानी होगी। आप अपने कस्टमर के सबसे बड़े चैलेंजेस को पहचानने की कोशिश कर सकते हैं और ऐसे प्रोडक्ट बना सकते हैं जो उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व करता हो। आप मार्केट में मौजूद रिसर्च टूल्स को यूज़ कर सकते हैं, ऑनलाइन सर्वे का इस्तेमाल कर सकते हैं या सीधा कस्टमर से बात कर सकते हैं। लोगों से ये सवाल पूछें कि “आपको सबसे ज़्यादा परेशानी किस चीज़ से होती है और आप कौन से प्रॉब्लम का हल चाहते हैं? क्या आपके पास इन प्रॉब्लम्स का कोई सॉल्यूशन मौजूद है? क्या ये सॉल्यूशन काम का है या उनमें किसी चीज़ की कमी है?
तीसरा, कस्टमर्स के असली प्रॉब्लम को ऑब्जर्व और रिकॉर्ड करें। उन प्रोडक्ट्स को एनालाइज़ करें जो फिलहाल मार्केट में मौजूद हैं और आपके आइडिया के साथ कंपीट कर सकते हैं और फिर उसके कस्टमर्स के फीडबैक पर रिसर्च करें। आप ये भी स्टडी कर सकते हैं कि फिलहाल जो सॉल्यूशन मौजूद है उनके साथ लोग कैसे इंगेज होते हैं और उनके बारे में क्या सोचते हैं। हर एक डिटेल को रिकॉर्ड करें और प्रॉब्लम्स और अवेलेबल सॉल्यूशन के बीच के गैप को पहचानें।
चौथा, अपनी फाइंडिंग के बेसिस पर एक प्रोडक्ट हाइपोथिसिस बनाएँ जो आपके कस्टमर्स की प्रॉब्लम को सॉल्व कर सकती हो। फिर, एक मिनिमम वाईएबल प्रोडक्ट (MVP) को डिज़ाइन करें. ये एक सिंपल वर्ज़न होगा जो आपके प्रोडक्ट के कोर वैल्यू और फीचर्स को दिखेगा। इस MVP को यूज़ करना आसान होना चाहिए और ये जल्दी से बन जाना चाहिए। बड़े प्रोडक्शन में बहुत ज़्यादा टाइम और रिसोर्सेस इन्वेस्ट करने से पहले रियल कस्टमर का फीडबैक पाना ही आपका गोल होना चाहिए।
पांचवा, जब आपका MVP तैयार हो जाए तो इसे कुछ कस्टमर्स के बीच शेयर करें। फिर, उनके रिएक्शन को ऑब्जर्व करें और उनसे फीडबैक मांगे। आप लोगों का इंटरव्यू ले सकते हैं और पूछ सकते हैं कि उन्हें उसमें क्या पसंद आया, क्या इंप्रूव किया जा सकता है और क्या वो इस प्रोडक्ट को खरीदना चाहेंगे?
आखिर में, अपने कस्टमर के फीडबैक के मुताबिक प्रॉपर एडजस्टमेंट करें। अगर आपको पता चलता है कि कस्टमर्स आपके आइडिया में इंटरेस्टेड नहीं हैं, तो आप अपने कॉन्सेप्ट को बदल सकते हैं और किसी दूसरी बेहतर चीज़ के साथ फिर से शुरुआत कर सकते हैं। अगर कई कस्टमर्स को आपका आइडिया पसंद आता है और वो आपके प्रोडक्ट को खरीदने के लिए और अपने दोस्तों के बीच प्रमोट करने के लिए तैयार होते हैं, तो समझ जाइए कि आपको एक कमाल का आइडिया मिल गया हैं। अब, आपको अपने MVP को एक पूरे प्रोडक्ट में बदलना चाहिए और अपने बिज़नेस को बढ़ाना चाहिए।
BetArcade एक कंपनी है जो इसलिए फेल हो गई थी क्योंकि उसकी शुरुआत एक ऐसे आइडिया के साथ हुई थी जो फाउंडर की सोच के हिसाब से डेवलप की गई थी। शुरुआत में, टीम ने एक प्लेटफॉर्म बनाया जिस पर उसके फाउंडर मैथ्यू के आइडिया को दिखाया जा रहा था। उन्हें वीडियो गेम्स बहुत पसंद थे और उन्हें लगता था कि ज्यादातर प्लेयर्स अपने पसंद के वीडियो गेम्स पर बेट लगाना एंजॉय करेंगे।
उनकी टीम ने अपना सारा टाइम और रिसोर्स इस प्लेटफॉर्म को बनाने में लगा दिया। उसे लॉन्च करने के बाद, उन्होंने देखा कि लोगों को इस आइडिया में कोई इंटरेस्ट ही नहीं था। सिर्फ़ कुछ ही प्लेयर्स ने उस प्लेटफ़ॉर्म पर साइन अप किया था और प्लेटफॉर्म की ग्रोथ हुई ही नहीं थी। टीम ने कई अलग-अलग तरह की मार्केटिंग स्ट्रेटजीज़ का इस्तेमाल किया, लेकिन कोई भी चीज़ लोगों को ऐसे प्लेटफॉर्म को ज्वाइन करने के लिए नहीं मना पाई जिसे वो बेकार समझते थे।
इसलिए, मैथ्यू और उनकी टीम को एक मुश्किल फैसला लेना पड़ा। उन्होंने अपने आइडिया को बदला और उस प्लेटफॉर्म का नाम बदलकर Gambit रख दिया। अब उन्होंने एक फैंटसी स्पोर्ट्स की जगह बनाई जहां प्लेयर्स अपने फेवरेट प्लेयर्स को यूज़ करके अपनी इमैजिनरी टीम बना सकते थे और एक दूसरे के साथ कंपटीशन कर सकते थे।
लोग इस नए कॉन्सेप्ट को देखकर एक्साइटेड थे और कई कस्टमर्स ने उनके प्लेटफॉर्म को ज्वाइन कर लिया। इस बार, उनकी टीम ने एक ऐसा प्रोडक्ट बनाया था जिसकी लोगों को ज़रुरत थी और जिसके लिए वो पैसे देने को तैयार थे। इसका नतीजा ये हुआ कि Gambit बहुत पॉपुलर हो गया और कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ गया।
सिर्फ़ एक कूल आइडिया होने से सक्सेस मिलने की गारंटी नहीं होती है। अगर आप अपने कस्टमर की ज़रूरतों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो हो सकता है कि आप एक ऐसा प्रोडक्ट बना दें जो फेल हो जाएगा। इसलिए, पहले अपने कस्टमर्स को स्टडी करें, फिर कुछ ऐसा बनाएँ जो उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व करता हो।
The One-Minute Business Model
हाई डिमांड वाला मार्केट ऐसा मार्केट होता है जिनकी ऑडियंस भी बढ़ रही होती है। अगर कोई नया प्रोडक्ट काम का होता है तो कस्टमर्स उसके लिए पैसे देने को तैयार होते हैं। जब आप एक हाई डिमांड मार्केट में इंटर करते हैं, तो आपके पास सक्सेसफुल होने और अपने बिज़नेस को जल्दी बढ़ाने के ज़्यादा मौके होते हैं।
आपको ऐसा मार्केट ढूंढना चाहिए जो पॉपुलर होने के साथ-साथ प्रॉफिटेबल भी हो। ख़ुद को एक surfer की तरह इमेजिन कीजिए। आमतौर पर, surfers राइड करने के लिए big wave यानी “बड़ी लहर” का इंतज़ार करते हैं। एंटरप्रेन्योर्स को भी ऐसा ही करना चाहिए। आपको परफेक्ट मौकों का इंतज़ार करना चाहिए और मार्केट के उन ट्रेंड्स को पहचानना चाहिए जो आपके बिज़नस को जल्दी से जल्दी आगे बढ़ा सकते हों।
हाई डिमांड मार्केट में, बिज़नेस आइडियाज़ बड़े बनकर मिलियन-डॉलर कंपनी में बदल जाते हैं। इसके लिए सबसे पहले, आपको अपने टारगेट मार्केट के पोटेंशियल को एनालाइज़ करना चाहिए। आपका मार्केट बड़ा और ट्रेंडिंग होना चाहिए। इसकी ऑडियंस भी ज़्यादा होनी चाहिए और इसके कस्टमर्स आपके प्रोडक्ट का प्राइस देने के लिए तैयार भी होने चाहिए।
दूसरा, आपको अपने फाइनेंशियल मॉडल को क्लियर रखना चाहिए। इसके लिए, आप ‘वन-मिनट बिज़नेस मॉडल’ यूज़ कर सकते हैं। पता करें कि आपके बिज़नेस आइडिया में कितना रेवेन्यू generate करने का पोटेंशियल है और एक मिलियन डॉलर कमाने के लिए आपको टोटल कितना सेल्स करना होगा। अपने प्रोडक्ट के लिए एक फिक्स्ड प्राइस चुनें और फिर कैलकुलेट करें। ये कैलकुलेशन ये जानने में आपकी मदद करेगा कि आपके आईडिया का स्केल बढ़ाया जा सकता है या नहीं।
एग्जांपल के लिए, मान लीजिए कि एक कंपनी दाढ़ी पर लगाने वाले तेल का एक bottle $50 में बेचती है और हर bottle पर उसे $ 12.50 का प्रॉफिट होता है। तो एक मिलियन डॉलर कमाने के लिए उसे 80,000 bottle बेचने होंगे।
तीसरा, आपको फ्लेक्सिबल बनना चाहिए। अपने कस्टमर्स के साथ अपने आइडिया को शेयर करें और उनके फीडबैक के मुताबिक खुद को इंप्रूव करते रहें। आप अपने प्रोडक्ट को इम्प्रूव कर सकते हैं, उसके प्राइस को बढ़ा सकते हैं और ज़्यादा प्रॉफिटेबल बिज़नेस मॉडल पर शिफ्ट हो सकते हैं।
आपका आइडिया पोटेंशियल कस्टमर्स का इंटरेस्ट अपनी ओर खींच सकता है या नहीं ये जानने करने के लिए आप ‘गूगल ट्रेंड्स’ या ‘फेसबुक Ads’ जैसे मार्केट रिसर्च टूल्स भी यूज़ कर सकते हैं। एग्जांपल के लिए, गूगल ट्रेंड्स पता लगा सकता है कि आपका niche या टॉपिक इस समय ट्रेंड कर रहा है या नहीं। आप अलग-अलग लोकेशन पर रिसर्च वॉल्यूम को चेक कर सकते हैं और देख सकते हैं कि सबसे ज़्यादा डिमांड कहां पर है। अगर आपका आइडिया अगले कुछ महीनों में पॉपुलर होने वाला है तो आप आगे बढ़ सकते हैं।
फेसबुक Ads ज़्यादा targeted होते हैं। वो आपके कस्टमर के डेमोग्राफिक इनफॉर्मेशन को स्टडी करने में मदद करते हैं। इससे आप अपनी ऑडियंस के उम्र, जेंडर और लोकेशन के बारे में पता कर सकते हैं। फिर, इन डिटेल्स को यूज़ करके अंदाज़ा लगाएँ कि आपके प्रोडक्ट को कितने लोग खरीद सकते हैं। ये इनफॉर्मेशन ज़्यादा से ज़्यादा टारगेटेड मार्केटिंग स्ट्रेटजीज़ बनाने में भी काम आती है।
आइए इसे एक example से समझते हैं. रॉबर्ट सैमुएल की कहानी बहुत इंस्पायरिंग है। रॉबर्ट एक सिक्योरिटी गार्ड थे जिन्होंने आईफ़ोन के रिलीज़ होने के बाद मार्केट में एक मौके को नोटिस किया। उन्होंने देखा कि आईफ़ोन खरीदने के लिए कई लोग दुकान के बाहर लाइन लगाकर खड़े थे, जिससे उन्हें एक इंटरेस्टिंग आइडिया आया।
रॉबर्ट ने एक प्लेटफॉर्म बनाया जहां कस्टमर्स अपनी जगह लाइन में खड़े होने के लिए दूसरे लोगों को हायर कर सकते थे। पहला, ये प्लेटफॉर्म उन लोगों को टारगेट करता था जो टेक प्रोडक्ट खरीदना तो चाहते थे लेकिन उनके पास लाइन में खड़े होकर इंतज़ार करने के लिए टाइम नहीं था। ये आइडिया सक्सेसफुल हुआ और लोगों ने कॉन्सर्ट और दूसरे इवेंट्स के लिए भी लाइन में खड़े होने के लिए दूसरों को हायर करना शुरू कर दिया।
रॉबर्ट ने अपने बिज़नेस को बढ़ाने का फैसला किया। इसके लिए, उन्होंने लाइन में खड़े होने के लिए और ज़्यादा लोगों को हायर कर लिया और अपने बिज़नेस को सोशल मीडिया पर प्रमोट करना शुरू कर दिया। जो चीज़ कस्टमर्स की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए शुरू की गई थी वो एक strong और स्केलेबल बिज़नेस में बदल गई।
अगर आपको कोई ऐसा आइडिया आता है जो हाई डिमांड मार्केट के big wave पर राइड कर सकता हो, तो आपको उसे टेस्ट करना चाहिए और रिसर्च करनी चाहिए। अपने आइडिया के पोटेंशियल को जानने के लिए और ये जानने के लिए कि उसका स्केल कितना बढ़ाया जा सकता है, वन-मिनट बिज़नेस मॉडल और रिसर्च टूल्स यूज़ कीजिए।
The 48-Hour Money Challenge
पिछले चैप्टर्स में, हमने बहुत ज़्यादा टाइम या रिसोर्सेस बर्बाद करने से पहले किसी भी बिज़नेस आइडिया को validate करने की इंपॉर्टेंस के बारे में जाना। ये चैप्टर आपको सिखाएगा की आप किसी बिज़नेस आइडिया को सिर्फ़ 48 घंटों में कैसे validate कर सकते हैं।
आप अपने कॉन्सेप्ट को सबसे सिंपल तरीके से दिखाने से इसकी शुरुआत करते हैं और कुछ कस्टमर्स के साथ इसे टेस्ट करते हैं। आपका गोल, 48 घंटों के अंदर तीन सेल्स करने का होना चाहिए। इसमें, आपको मार्केट की डिमांड को टेस्ट करना है, अपने प्रोडक्ट की quality नहीं। इसलिए, सिर्फ़ उन कस्टमर्स को ढूंढने पर फोकस करें जो तुरंत आपके प्रोडक्ट को खरीदने के लिए तैयार हों।
वैलिडेशन का गोल्डन रूल कहता है कि आपको जल्द से जल्द अपने प्रोडक्ट को खरीदने वाले लोग ढूंढने होंगे। अगर वो आपके प्रोडक्ट को खरीद लेते हैं, तो साबित हो जाता है कि आपके आइडिया में पोटेंशियल है। ये किसी भी आइडिया के लिए सबसे अच्छा टेस्ट है। अगर कोई भी आपके प्रोडक्ट को खरीदने में इंटरेस्टेड नहीं होता है तो उसे बनाने की ज़रुरत ही नहीं है।
आप इस तीन पार्ट वाले फ्रेमवर्क को फॉलो करके अपने आइडिया को वैलिडेट कर सकते हैं -
पहला, अपने कस्टमर्स की ज़रुरत को समझें। इन ज़रूरतों के हिसाब से अपने आइडिया में ज़रूरी एडजस्टमेंट्स करें।
दूसरा, इन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कोई सॉल्यूशन ऑफर करें। अपने कॉन्सेप्ट के बारे में बताकर यानी डिस्क्रिप्शन देकर या बेसिक तरीके से उसे समझाकर आप चीज़ों को आसान बना सकते हैं।
तीसरा, सेल करके दिखाएं। अगर लोग आपके प्रोडक्ट में इंटरेस्टेड हैं तो इसका मतलब है कि आपका आइडिया अच्छा है। अगर नहीं, तो आपको अपने कॉन्सेप्ट को बदल देना चाहिए या फिर उसे और इंप्रूव करना चाहिए।
बिज़नस आइडियाज़ को टेस्ट करने के लिए आमतौर पर एक्टिव कम्युनिकेशन और मार्केटप्लेस और लैंडिंग पेज यूज़ करने की ज़रुरत पड़ती है। एक्टिव कम्युनिकेशन में डायरेक्ट मैसेज करना, कॉल करना या टेस्ट करना शामिल होता है। ये सोशल मीडिया पोस्ट से बिल्कुल ऑपोज़िट होते हैं और ये कम्युनिकेशन टूल्स जल्द से जल्द रिप्लाई और फीडबैक पाने में मदद करते हैं।
एग्जांपल के लिए, आप फिजिकल प्रोडक्ट्स को पोस्ट करने और उन्हें ऑनलाइन बेचने के लिए फेसबुक मार्केटप्लेस को यूज़ कर सकते हैं। ये किसी भी बिज़नेस आइडिया को टेस्ट करने का सबसे सस्ता तरीका है। अगर लोग आपके सोशल मीडिया पोस्ट पर रिएक्ट करते हैं और आप 48 घंटों के अंदर तीन सेल्स कर लेते हैं, तो मतलब कि आपके पास एक दमदार बिज़नेस आइडिया है।
आप लैंडिंग पेज भी बना सकते हैं, जो ज़्यादा से ज़्यादा ट्रैफिक को अपनी ओर खींच सकता है। इस पेज का डिजाइन सिंपल होन चाहिए, इसमें सही इनफॉर्मेशन होनी चाहिए जो आपकी ऑडियंस को पसंद आए और क्रेडिबिलिटी के लिए आपको इसमें कुछ टेस्टीमोनियल्स भी डालने चाहिए। इसे देखकर, लोग आपके प्रोडक्ट के लिए साइन अप कर सकते हैं, सीधा उसे खरीद सकते हैं या आपके प्रोडक्ट को प्री-ऑर्डर कर सकते हैं।
नोआह केगन का बीफ जर्की (beef jerky) के साथ एक इंटरेस्टिंग एक्सपीरियंस रहा है। वो चाहते थे कि बीफ जर्की का मंथली सब्सक्रिप्शन लेने वाले कस्टमर्स को हाई quality का बीफ डिलीवर किया जाए। वो जल्द से जल्द इस आइडिया की वैलेडिटी को टेस्ट करना चाहते थे, तो उन्होंने उन लोगों की एक लिस्ट बनाई जिनके बारे में वो जानते थे कि उन्हें बीफ बहुत पसंद है। फिर, उन्होंने इन early यानी शुरुआती कस्टमर्स को मनाने के लिए एक attractive सा मार्केटिंग मैसेज लिखा।
नोआह ने कोई वेबसाइट या लैंडिंग पेज नहीं बनाया। इसके बजाय, उन्होंने एक-एक करके सीधा इन लोगों को कॉल किया। उन्होंने उनके सामने अपना आइडिया रखा और उनसे पूछा कि क्या वो हाई quality बीफ के लिए मंथली सब्सक्रिप्शन खरीदने में इंटरेस्टेड हैं। उन्होंने ये भी वादा किया कि अगर उन्हें बीफ पसंद नहीं आएगा तो उनका पूरा पैसा रिफंड कर दिया जाएगा।
नोआह का गोल था तीन कस्टमर्स पाना। इसमें कुछ लोग इंटरेस्टेड थे और उन्होंने पैसे देकर उस सर्विस को खरीदने का ऑफर दिया। इससे नोआह को एहसास हुआ कि उनका आइडिया अच्छा है। उन्होंने हाई quality की बीफ खरीदी और इन early कस्टमर्स को भेज दिया। फिर, उन्होंने अपने इस आइडिया के बेसिस पर एक बड़ा बिज़नेस बनाया और उसका नाम रखा ‘Sumo Jerky’।
नोआह की तरह स्मार्ट बनें और सीधा काम पर लग जाएँ। प्लान करने या सोचने में अपना टाइम waste ना करें। जब आपको कोई आइडिया आए तो उसे जल्द से जल्द टेस्ट करें। एक बार जब आपको अपने early कस्टमर्स मिल जाएँ तो आप फुल स्केल पर प्रोडक्शन शुरू कर सकते हैं।
Social Media Is For Growth
सोशल मीडिया पर सक्सेसफुल होने के लिए, आपको एक ऐसी ऑडियंस बनाने का गोल रखना चाहिए जो आपसे जुड़ी रहती हो। अगर आपके फॉलोवर्स आपके कॉन्टेंट में इंटरेस्टेड नहीं होंगे तो ज़्यादा फॉलोवर्स होने का कोई फायदा नहीं है। भले ही आपकी ऑडियंस कम हो, लेकिन अगर वो आपसे जुड़ी रहती होगी तो आप ऑनलाइन जो भी पोस्ट या कॉन्टेंट शेयर करेंगे वो उन सब पर रिएक्ट करेगी। जब आपके पास कोई सॉलिड ऑफर होगा, तो वो खुद ही साइन अप करना चाहेंगे और आपके कूल सॉल्यूशन को खरीदना चाहेंगे।
बिज़नेस के ग्रोथ के लिए आपकी ऑडियंस का आपसे जुड़े रहना बहुत ज़रूरी है. इसे ‘ इंगेज्ड ऑडियंस’ कहते हैं। इंगेज्ड लीड्स वो लॉयल कस्टमर्स होते हैं जिनका कन्वर्ज़न रेट हाई होता है। ये आपके reach यानी पहुंच को बढ़ाने के लिए आपके कॉन्टेंट को लाइक कर सकते हैं या उसे शेयर कर सकते हैं। वो आपको इसलिए प्रमोट करते हैं क्योंकि उन्हें आपके पोस्ट पसंद आते हैं, जो कि मार्केटिंग का अल्टीमेट गोल है।
इन स्टेप्स को फॉलो करने से आप एक ऐसी ऑडियंस बना पाएंगे जो आपके साथ इंगेज्ड यानी जुड़ी रहेगी -
पहला, अपने कोर सर्कल को पहचानें। कोर सर्कल आपका niche यानी speciality या छोटा सा ग्रुप होता है। इस ग्रुप की अपनी यूनिक इच्छाएं होती हैं और ऐसी जरूरतें होती हैं जो पूरी नहीं हुई होती हैं। एक बार जब आप उनके चैलेंजेस को पहचान लेते हैं, तो आप ऐसे कॉन्टेंट बना सकते हैं जो सीधा उनके प्रॉब्लम पर ध्यान देता है और उसका उपाय ऑफर करता है।
Niching डाउन वो तरीका है जिससे आप एक मज़बूत फाउंडेशन के साथ शुरुआत करते हैं। जब लोग आपको कोई एक प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए जानने लगते हैं, तो आपके फॉलोवर्स आपसे और ज़्यादा चीज़ें सीखने के लिए आपके कॉन्टेंट को चेक करते रहते हैं। इस तरह, वो आप पर भरोसा करने लगेंगे और आपके ब्रैंड के लॉयल फैन बन जाएंगे।
दूसरा, एक बार जब आप अपने क्लोज़ niche में अपनी पोजीशन बना लेंगे तो उसके बाद आपको इसे आगे बढ़ाना शुरू करना होगा। अपने मीडियम सर्कल तक जाएं, जो आपके शुरुआती टारगेट से थोड़ा बड़ा ग्रुप होता है।
आपको अभी भी अपने इंगेज्ड फैंस के लिए अपने niche में कॉन्टेंट पोस्ट करते रहना होगा, लेकिन उसमें और ज़्यादा भी add करना होगा। स्मार्ट बनें और बड़ी ऑडियंस तक पहुंचने की कोशिश करने के साथ-साथ अभी जो आपन सर्कल है, उसके साथ भी अपने कनेक्शन को मेंटेन करके रखें। EXAMPLE के लिए, अगर आपने लैंग्वेज के स्टूडेंट्स के लिए प्रोडक्टिविटी हैक्स लिखने से शुरुआत की है, तो आप आगे बढ़कर सभी स्टूडेंट्स के लिए प्रोडक्टिविटी टूल्स के बारे में लिखना शुरू कर सकते हैं।
तीसरा, बड़े सर्कल तक पहुंचे। पता करें कि आप सबसे ज़्यादा कितनी ऑडियंस तक पहुंच सकते हैं और फिर उनकी ज़रूरतों के हिसाब से कॉन्टेंट लिखना शुरू कर दें। आपका कॉन्टेंट क्लोज़ और मीडियम सर्कल से भी जुड़ा होना चाहिए, लेकिन उसमें और ज़्यादा यूनिवर्सल टॉपिक्स के बारे में भी बात की जानी चाहिए।
अब आपका गोल ऐसे फॉलोवर्स को अपनी ओर खींचने का होगा जो आपके niche से जुड़े हुए नहीं हैं लेकिन लाइफ से जुड़ी जनरल एडवाइस में इंटरेस्ट रखते हैं। इस तरह, आप अपने बिज़नेस को स्केल करते हैं यानी बढ़ाते हैं और बड़े ग्रुप से कनेक्ट कर पाते हैं।
चौथा, आपको एक यूनिक एंगल डेवलप करना चाहिए। अपने कॉन्टेंट को यादगार बनाने के लिए अपने यूनिक नज़रिए को शेयर करें। आपके बिलीफ्स दूसरों से अलग हो सकते हैं या फिर आप सेंसिटिव टॉपिक्स के बारे में बात कर सकते हैं। ऑर्डिनरी रूटीन को चैलेंज करने, मुश्किल टॉपिक्स के बारे में बात करने और अपने niche को गहराई से study करने की कोशिश करें।
एक बार जब आप अपने ओरिजिनल थॉट्स बना लेंगे तो उसके बाद आप ऑथोरिटी से बात कर सकते हैं और अपने यूनिक नज़रिए को यूज़ कर सकते हैं। एग्जांपल के लिए, अगर दूसरे क्रिएटर्स के बीच कोई प्रोडक्टिविटी टूल ट्रेंड कर रहा है तो आप ईमानदारी के साथ अपना ओपिनियन ऑफर कर सकते हैं और उसके alternative यानी ऑप्शन के बारे में बता सकते हैं।
आखिर में, लगातार कोशिश करते रहें। ऑडियंस बनाना एक लॉन्ग-टर्म गोल है और हर रोज़ कॉन्टेंट पोस्ट करके ही आप उस गोल तक पहुंच सकते हैं। कॉन्टेंट शेयर करने के लिए सही समय या मोटिवेशन का इंतज़ार ना करें। भले ही आप कैसा भी महसूस कर रहे हों, लेकिन हर रोज़ काम करते रहें।अपना प्लेटफॉर्म choose करें, अपना सेट-अप बनाएं और बिना रुके कॉन्टेंट बनाकर पोस्ट करते रहें। लगातार कोशिश करते रहने से ही क्रेडिबिलिटी मिलती है, जिससे लोगों को आप पर भरोसा होता है और ज़्यादा लोग आपसे जुड़ते हैं।
अली अब्दल (Ali Abdal) एक फेमस यूट्यूबर और ऑथर हैं, जिन्होंने अपनी फॉलोइंग को बढ़ाने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो किया था। 2017 में, अली कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में एक मेडिकल स्टूडेंट थे जो दूसरे मेडिकल स्टूडेंट्स की मदद करना चाहते थे। उन्होंने सिर्फ़ एक ग्रुप से जुड़े कॉन्टेंट को शेयर करने से इसकी शुरुआत की थी. ये ग्रुप था: उन स्टूडेंट्स का जो बायोमेडिकल एडमिशंस टेस्ट (BMAT) और ब्रिटेन में मेडिकल स्कूल के इंटरव्यू के लिए तैयारी कर रहे थे।
इस छोटे से सर्कल को टारगेट करने से अली को जल्द ही लॉयल फॉलोइंग मिलने में मदद मिली। जिन स्टूडेंट्स को मेडिकल एग्जाम्स और इंटरव्यू में प्रॉब्लम आ रही थी उन्हें अली की information और नॉलेज काम की लगी। वो और ज़्यादा सीखने के लिए अली के पास वापस आने लगे और अली को इस niche में जाना जाने लगा।
जब अली ने अपने कोर ऑडियंस के बीच अपनी पहचान बना ली, उसके बाद वो अपने मीडियम सर्कल की तरफ बढ़े। वो जनरल प्रोडक्टिविटी से जुड़े टिप्स वाला कॉन्टेंट पोस्ट करने लगे। वो स्टूडेंट्स के लिए स्टडी टिप्स, नोट्स बनाने के टिप्स और ऑर्गेनाइज़ करने के स्किल्स के बारे में बात करते थे। वो अभी भी मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए वैल्युएबल कॉन्टेंट पोस्ट करते थे, लेकिन उन्होंने नए फॉलोवर्स तक पहुंचने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा जनरल प्रोडक्टिविटी टिप्स पोस्ट करन भी शुरू कर दिया था।
इसके बाद, अली ने अपने सबसे बड़े सर्कल तक पहुंचने के लिए लाइफस्टाइल टिप्स के बारे में और ज़्यादा प्रोडक्टिव बनने के लिए टेक्नोलॉजी को यूज़ करने के बारे में कॉन्टेंट पोस्ट करना शुरू कर दिया। इसका नतीजा ये हुआ कि अली ने यूट्यूब पर 4 मिलियन से ज़्यादा फॉलोवर्स की ऑडियंस बना ली।
अली के लगातार पोस्ट करने के शेड्यूल और उनके यूनिक नॉलेज ने उन्हें यादगार बना दिया। वो अपने कॉन्टेंट में रिलेटेबल टोन यूज़ करते थे और खुद को एक गाइड बताते थे, ना कि एक एक्सपर्ट। ऐसा करते हुए, वो अपने फॉलोवर्स को ग्रोथ और पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन के रास्ते पर ले गए।
Email Is For Profit
अपनी इनकम बढ़ाने के लिए, ईमेल मार्केटिंग सबसे प्रॉफिटेबल टूल है। ईमेल, पुराने ज़माने के ad या सोशल मीडिया पोस्ट से ज़्यादा डायरेक्ट होते हैं। वो ज़्यादा पर्सनल और रिलेटेबल होते हैं। अगर आप सही कहानी सुनाते हैं और सही मैसेज देते हैं तो आप अपने ईमेल सब्सक्राइबर्स को साइन अप करने के लिए और आपके लैंडिंग पेज को चेक करने के लिए मोटिवेट कर सकते हैं।
अपनी पर्सनेलिटी को बेहतर तरीके से दिखाने के लिए अपने एक्सपीरियंस और जो लेसन आपने सीखे हैं, उन्हें शेयर करें। कहानी सुनाने से आपके ईमेल यादगार बन जाते हैं। इसमें, आप सीधा अपने ऑफर के बारे में बात नहीं करते बल्कि अपने लिस्ट में मौजूद लोगों के साथ पहले एक रिश्ता बनाते हैं। जब सब्सक्राइबर्स को ऐसा महसूस होता है कि आप सिर्फ़ सेल करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, तो वो अपने बचाव करने की आदत को छोड़ देते हैं और लॉयल फैन बन जाते हैं।
ईमेल के कई फायदे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड होते हैं। यहाँ, आप कॉन्टेंट पोस्ट करते हैं और अपनी ऑडियंस से इनडायरेक्टली बात करते हैं। ईमेल यूज़ करने से आपको सक्सेसफुल होने के लिए अनलिमिटेड मौके मिल जाते हैं। इसमें, आप पहले ईमेल भेज सकते हैं और अलग-अलग स्ट्रेटजीज़ यूज़ करके फॉलो अप कर सकते हैं। आप ईमेल के अलग-अलग फॉर्मेट को भी तब तक टेस्ट कर सकते हैं जब तक आपको सबसे अच्छा फॉर्मेट नहीं मिल जाता।
आपके ईमेल की लिस्ट पहले से ही आपसे जुड़ी होती है, इसलिए उन्हें अपना कॉन्टेंट पढ़ने और आपके ऑफर को चेक करने के लिए मोटिवेट करना सोशल मीडिया पर रैंडम लोगों से पूछने से ज़्यादा आसान होता है। अपना ईमेल लिस्ट बनाने के लिए, पहले आपको एक लैंडिंग पेज बनाना होगा।
लैंडिंग पेज एक सिंपल वेब पेज होता है जो आपके ऑफर के बारे में बताता है और वहां एक साइन-अप बटन भी मौजूद होता है। इसकी शुरुआत, अपने गोल को पहचानने से करें। आप क्या चाहते हैं कि ऑडियंस आपके पेज को देखकर कैसा रिएक्शन दे? क्या आप चाहते हैं कि वो साइन अप करें और आपको अपना ईमेल एड्रेस दें?
अगर ऐसा है तो, एक सिंपल लेआउट डिज़ाइन करें जो आपके ऑफर के वैल्यू को बताता हो। फ़िर इसमें, एक attractive यानी ध्यान खींचने वाला हेडलाइन, एक छोटा सा डिस्क्रिप्शन और कॉल टू एक्शन add करें।
आपका अगला गोल है, “द ड्रीम टेन” (the dream ten)। अपने नेटवर्क के सबसे नज़दीकी लोगों से contact करें और उन्हें आपके लैंडिंग पेज को चेक करने के लिए कहें। ये लोग आपके दोस्त होते हैं और खुशी-खुशी आपको सपोर्ट करेंगे। ये early सब्सक्राइबर्स आपके ऑफर के बारे में दूसरों को भी बता सकते हैं और आपकी लिस्ट को बढ़ाने में मदद भी कर सकते हैं।
अब जब आपके पास सब्सक्राइबर्स की एक छोटी सी लिस्ट तैयार हो गई है, तो आप अपने लैंडिंग पेज पर लिंक add कर सकते हैं। इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट और ईमेल सिग्नेचर पर शेयर करें। ये मार्केटिंग स्ट्रेटजी आपके लैंडिंग पेज की विजिबिलिटी को बढ़ाने में मदद करेगी। इसका नतीजा ये होगा कि जब आप ऑनलाइन जाएँगे और अच्छे कॉन्टेंट पोस्ट करेंगे तो आपकी लिस्ट बढ़ती जाएगी।
आपका अगला गोल है, 50 या 100 सब्सक्राइबर्स बनाना। आप किसी फ़ोरम, ग्रुप या दूसरी ऑनलाइन कम्युनिटीज़ में अपना कॉन्टेंट शेयर कर सकते हैं, जहां आपकी आइडियल ऑडियंस अपना समय बिताती है। लोगों को अपने लैंडिंग पेज पर इनवाइट करने के लिए एक पोस्ट शेयर करें। इसे छोटा और क्लियर बनाएं और इस बात पर फोकस करें कि रीडर्स को आपके ईमेल लिस्ट को सब्सक्राइब करने से क्या फायदा होगा।
अगर लैंडिंग पेज काम नहीं करता है तो आप लीड मैग्नेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। लीड मैग्नेट एक फ्री ऑफर होता है जो आपके रीडर्स का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है और उन्हें सब्सक्राइब करने के लिए मना लेता है। इसके लिए, आप एक गाइड, फ्री eBook या कोई वीडियो कोर्स ऑफर कर सकते हैं।
AppSumo की कहानी में ईमेल मार्केटिंग की ताकत को साफ़ देखा जा सकता है। नेविल मेधोरा ( Neville Medhora) नाम के एक कॉपीराइटर ने सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के लिए एक engaging ईमेल लिखा और उसके बदले में उन्हें $10,000 मिले।
इसमें, नेविल ने उन एंटरप्रेन्योर्स और फ्रीलांसर्स को टारगेट किया था जो अपनी प्रोडक्टिविटी और कन्वर्ज़न रेट को बढ़ाने के लिए बिज़नेस टूल्स ढूंढ रहे थे। उन्होंने एक डायरेक्ट और फनी ईमेल लिखा था जो रीडर से बात-चीत करने से टोने में लिखा गया था। रीडर्स को उसे पढ़कर ऐसा महसूस हुआ जैसे कि कोई दोस्त उन्हें एक डील का सुझाव दे रहा है, ना कि एक सेल्समैन कोई ऑफर बेच रहा है।
नेविल ने सॉफ्टवेयर के फायदों के बारे में बताया और रीडर्स को एक अच्छी डील भी ऑफर की। उन्होंने काम के टिप्स शेयर किए और अपनी पर्सनेलिटी को शाइन करने दिया। 24 घंटों में, सिर्फ़ एक ईमेल की वजह से AppSumo ने $10,000 कमाए थे।
ये कहानी ये साबित करती है कि अगर आपकी ऑडियंस आपसे engaged होती है और आपको पर्सनल ईमेल लिखना आता है तो आप कुछ भी बेच सकते हैं। इसके लिए, आपको अपनी ऑडियंस के साथ रिश्ता बनाना होगा। उन्हें अपने दोस्त की तरह समझें और उनकी लाइफ को इंप्रूव करने में उनकी मदद करने के लिए एक्साइटमेंट दिखाएं।
तो, अपना लैंडिंग पेज बनाकर और अपने नेटवर्क से कनेक्ट होकर आज से ही शुरुआत करें। एक वैल्युएबल ऑफर और एक सिंपल लैंडिंग पेज के साथ, 10 सब्सक्राइबर्स की लिस्ट 100 में बदल सकती है।
Conclusion
ज्यादातर एंटरप्रेन्योर प्लानिंग फेज़ में ही फंसे रह जाते हैं। उन्हें लगता है कि एक परफेक्ट प्लान और एक ग्रोथ हैक, उन्हें मेहनत करने से बचा सकता है और उन्हें एक दिन में अमीर बना सकता है। लेकिन, बिज़नेस में मेहनत से बचा नहीं जा सकता। आप जितनी जल्दी इस बात को एक्सेप्ट कर लेंगे उतनी जल्दी सही फैसले ले पाएँगे। इस समरी में, आपने एक एंटरप्रेन्योर बनने के लिए ज़रूरी बातों को जाना।
सबसे पहले, अपने जाना की ज़रुरत से ज़्यादा प्लान करने और ज़रुरत से ज़्यादा सोचने से आप बिज़नेस में एक्शन नहीं ले पाते हैं। एक एंटरप्रेन्योर बनने के लिए आपको रिस्क लेने होंगे और अलग-अलग आइडियाज़ को टेस्ट करना होगा। इसलिए, कैसे करना है ये सोचना बंद करें और जो चीज़ मायने रखती है वो करना शुरू करें।
दूसरा, अपने जाना की आपको रिजेक्शन से डरना नहीं चाहिए बल्कि आपको इसे ढूंढना चाहिए। रिजेक्शन के बिना, आप कभी अपने स्किल्स को इंप्रूव नहीं कर पाएंगे या कभी अपनी गलतियों से सीख नहीं पाएंगे। रिजेक्शन आपको सिखाएगा की आपको अपने एक्शन, रिएक्शन और इमोशंस को कैसे कंट्रोल करना है। आपको रिजेक्शन की जितनी ज़्यादा आदत लगेगी आप उतने ही बेहतर सेल्समैन बनेंगे।
तीसरा, अपने जाना की आपको अपने पैशन या इंटरेस्ट के बेसिस पर कोई प्रोडक्ट नहीं बनाना चाहिए। इसके बजाय, आपको अपनी ऑडियंस को स्टडी करना चाहिए, उनकी ज़रूरतों को समझना चाहिए और उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व करना चाहिए।
चौथा, आपने जाना कि आपको ऐसा प्रोडक्ट बनाना चाहिए जो हाई डिमांड मार्केट में बिक सके। अपने फाइनेंशियल पोटेंशियल को वैलिडेट करने के लिए वन-मिनट बिज़नेस मॉडल को फॉलो करें। अपने आइडिया को जल्द से जल्द टेस्ट करने के लिए आप मार्केट रिसर्च टूल्स यूज़ कर सकते हैं।
पांचवा, अपने जाना की अगर आपका बिज़नेस आइडिया प्रॉफिटेबल है तो आपको 48 घंटों के अंदर पहले तीन कस्टमर्स ढूंढने होंगे। आपको अपने कस्टमर की ज़रूरतों को समझना होगा, उन्हें कोई आसान सॉल्यूशन बताना होगा और दो दिनों में कम से कम तीन सेल्स करने होंगे।
छठा, अपने जाना की एक बड़ी फॉलोइंग जो आपके कॉन्टेंट से जुड़ी ना हो उसके मुकाबले में वो छोटी ऑडियंस अच्छी होती है जो आपके जुड़ी हुई होती है। आप पहले अपने कोर सर्कल के लिए कॉन्टेंट पोस्ट करने से इसकी शुरुआत कर सकते हैं, फिर अपने मीडियम सर्कल के लिए और फिर आगे चलकर बड़े सर्कल तक पहुंच सकते हैं।
आखिर में, अपने जाना की आपका ईमेल लिस्ट सबसे प्रॉफिटेबल बिज़नेस एसेट होता है। एक लैंडिंग पेज बनाएं, एक लीड मैग्नेट add करें और इसे फोरम, ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रमोट करें।
ऊपर बताए गए स्टेप्स तभी काम आएंगे जब आप लगातार कोशिश करते रहेंगे। कोई भी बिज़नेस एक दिन में खड़ा नहीं होता है। इसके लिए, आपको एक लॉन्ग-टर्म गेम खेलना होगा, लगातार डटे रहना होगा और सब्र रखना होगा। अगर आप हर रोज़ टेस्ट करते रहेंगे और सीखते रहेंगे, तो एक न एक दिन सक्सेसफुल ज़रूर होंगे।
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